मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस ने 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को राजनीति की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट M’ लॉन्च किया है। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में इसकी औपचारिक शुरुआत की गई। कांग्रेस का दावा है कि पिछले सात महीनों से इस योजना पर जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा था और अब इसके तहत सक्रिय महिलाओं की एक विशेष टीम तैयार की गई है।
सिर्फ मुस्लिम नहीं, कई समुदायों की महिलाओं पर फोकस
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, प्रोजेक्ट M का मकसद केवल मुस्लिम महिलाओं को जोड़ना नहीं है, बल्कि सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय की महिलाओं को भी राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है। पार्टी का मानना है कि इन समुदायों की कई महिलाएं सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं, लेकिन सक्रिय राजनीति में उनकी भागीदारी बेहद कम है।
कांग्रेस अब इन्हीं महिलाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करने और राजनीतिक मंच देने की रणनीति पर काम कर रही है।
लीडरशिप स्किल और राजनीतिक समझ विकसित करने की तैयारी
प्रोजेक्ट M के जरिए कांग्रेस महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना चाहती है। पार्टी का मानना है कि प्रशिक्षण और संवाद के जरिए महिलाएं न केवल कांग्रेस की विचारधारा को आम लोगों तक पहुंचाएंगी, बल्कि भविष्य में चुनावी राजनीति में भी मजबूत भूमिका निभा सकेंगी।
कांग्रेस संगठन का फोकस महिलाओं को राजनीतिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर भी है।
जीतू पटवारी ने किया प्रोजेक्ट का शुभारंभ
शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की। इस दौरान करीब तीन घंटे तक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी, नेतृत्व विकास और आर्थिक मजबूती से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।
जीतू पटवारी ने कहा कि महिलाओं को जागरूक करने, उन्हें नेतृत्व की भूमिका में लाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट M’ शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाएं सहज तरीके से राजनीति में आगे आएं और सत्ता में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो।
बीजेपी ने साधा निशाना, कांग्रेस ने दिया जवाब
कांग्रेस की इस पहल को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस प्रोजेक्ट पर हमला बोलते हुए इसे “जिन्ना की चाल” करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब अल्पसंख्यक राजनीति के सहारे खुद को बचाने की कोशिश कर रही है।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी जानबूझकर ‘M’ का मतलब मुस्लिम बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, जबकि यहां ‘M’ का मतलब ‘माइनॉरिटी’ यानी अल्पसंख्यक समुदाय है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी हमेशा मुसलमानों को मुद्दा बनाकर राजनीति करती है, जबकि उनका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत करना है।
क्या कांग्रेस का महिला कार्ड बदलेगा सियासी समीकरण?
मध्य प्रदेश की राजनीति में महिला वोट बैंक हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में कांग्रेस का यह नया प्रयोग कितना असर दिखाएगा और क्या यह बीजेपी के मजबूत संगठनात्मक ढांचे को चुनौती दे पाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
हालांकि, इतना तय माना जा रहा है कि ‘प्रोजेक्ट M’ ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है और आने वाले समय में यह कांग्रेस की बड़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा बन सकता है।
